गुलमोहर
(डेलॉनिक्स रेजिया )
जंगलों में खड़ा मिलता है
बहुवर्षीय पौधा कहलाता
गुल, फ्लेम आफ फोरेस्ट
पत्तों से भी पहचाना जाता,
फलीदार यह पौधा होता है
नाइट्रोजन अवशोषित करता
भीषण गर्मी में आग सा लगे
आग सा देखकर जन डरता,
कई प्रकार के स्टेराइडस दे
पत्ते होते हैं करीब सदाबहार
गर्मियों में मधुर छाया देता है
लकड़ी का बनता मोती हार,
प्राकृतिक रंग इसी से बनता
लकड़ी टिकाऊ जलरोधी है
कृत्रिम आभूषण इससे बने
कई दवाएं इसी से शोधी हैं,
पैरासिटामोल को बांधता है
हेमिप्लेजिया के काम आए
गठिया के रोग में हो प्रयोग
बदहजमी को भी दूर भगाए,
बुखार रोकने की हो क्षमता
अंदर के बीज भी खाए जाते
जब बहुत गर्मी पड़ रही हो
गुलमोहर पर लाल फूल आते,
गर्मी में होती इसकी पहचान
पत्ते कम होते और फूल हजार
आकर्षण का केंद्र बन जाता है
जीव जंतु भी करते इससे प्यार,
भूरे तने का यह पेड़ कहलाता
बड़ी-बड़ी फलियां लगती यहां
जंगल में खड़ा मिले यहां वहां
कई दवाओं में प्रयोग करे जहां।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना**
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