झुंडा
खेत क्यार में खड़े हुए
पानी, मूंज कहलाते हैं
पशुचारे के रूप में जन
इनको ही काट चराते हैं,
सक्रम बेंगालेंस कहाए
गन्ना कुल में पाया जाए
जंगली जीवों का आहार
गैंडा इसको चाव से खाए,
भारत देश का यह पौधा
गर्मी में हरा भरा हो जाए
झोपड़ी इसकी ही बनती
छप्पर को जन ललचाए,
जब कभी रस्सी बुननी हो
सामने मूंज मंजोली आए
कूट पीटकर बनती रस्सी
लो उससे चारपाई बनाए,
तुली झुंडे से ही बनती है
खिलौने बच्चों को खिलाए
सिरकी इनकी ही बनती है
गरीब सुंदर सा घर बनाए,
पान्नी होती अति तीखी है
ब्लेड की भांति करे काम
छांद बनाकर करते यापन
सर्दी गर्मी करती है तमाम,
इंसान स्वर्ग को पधारता है
पुला उठाकर जल्दी लाते
दाह संस्कार जब होता है
अग्नि इससे ही धंधकाते,
होटल में जब झोपड़ी दिखे
याद आता खेत का झुंडा
जंगली जीव इसी में छुपते
आग लगा देता कोई गुंडा।
*******होशियार सिंह, लेखक, कनीना******
टमाटर
मैक्सिको की उत्पत्ति
विश्व भर में पैदावार
लाल, हरा, पीला रंग
बच्चा, बूढ़ा करे प्यार,
चीन प्रथम स्थान पर
भारत का नंबर है दो
सस्ते कभी महंगे होते
सोलानम को खरीद लो,
7500 प्रकार के होते हैं
स्पेनिश भाषा से बना है
कैंसर से बचाता जन को
रसीला यह बहुत घना है,
विटामिन सी के ये स्रोत
बहुत से विटामिन मिलते
लाइकोपीन इसमें मिलता है
खनिजों से तन-मन खिलते,
कच्चा खाओ ,पक्का खाओ
जूस बनाओ, सूप बनाओ
पिज्जा, सब्जी, ड्रिंक बनाओ
खाते जाओ, पीते ही जाओ,
पैराबैंगनी किरणों से बचाता
जो कैंसर का होती बनती है
हरे पत्ते, टहनी थोड़े जहरीले
उनको खा पी दुनिया रोती है,
सलाद रूप में सबसे बेहतर
सारा ही जग प्रयोग करता है
पाचन शक्ति और भूख बढ़ाए
जग का यह पेट भी भरता है,
अमल अधिक मिलता इसमें
कई नामों से यह जाना जाता
टमाटर का रंग जग में प्रसिद्ध
जो भी खाए वो खुश हो जाता।
*****होशियार सिंह, लेखक, कनीना***
केला
देखकर मन ललचाए
लो आज केला खाएं
मुसा जीनस कहलाए
कच्चा भी काम आए,
5 मीटर तक पौधा हो
पत्ता, टहनी काम आएं
कैंसर से हमें बचाता है
अपने घर में केला लाए,
बीज रहित इसके फल
हरा, पीला, लाल, भूरा
कई रंगों में केला अमर
बिन केला जंगल अधूरा,
कच्चे फल स्टार्च से भरे
अफ्रीका इसकी उत्पत्ति
107 देशों में उगाया जाए
खाओ केला बदले मति,
फूलदार यह पौधा होता
कैंसर को यह दूर भगाए
फूलों की भी बने सब्जी
केला जन जन को हंसाए,
बर्मा में यह धार्मिक पौधा
उत्पाद में भारत नंबर वन
पेपर, फाइबर इससे बनते
रोगों से बच जाए जन तन,
पोटाशियम का एक स्रोत
विटामिनों का भरा हुआ है
गरीबों का पेट भरने वाला
जंगलों में भी खड़ा हुआ है।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना**
लेसुआ
हरा भरा छतरीनुमा
एक पेड़ यहां खड़ा
टेढ़ामेढ़ा खरेरा तन
वर्षा आंधी में अड़ा
50 सालों में पकता
लेसुआ वो कहलाए
गेदुड़ी, पनीगेरी जैसे
नाम इसी के कहलाए,
कोर्डिया मेक्सा यह है
पूरे विश्व में जाना जाए
कई रंगों के फल लगते
सब्जी में ये काम आए,
अचार बने लेसुआ का
विटामिनों से है भरपूर
बाल झड़े बार बार और
गंजेपन को कर देता दूर,
इमारती लकड़ी बनती है
छाल व जड़ काम आते
खासी जुकाम रोग लगे
काढ़े रोग को दूर भगाते,
ग्रामीण लोग परिचित हैं
तोड़ कर ला सब्जी बनाए
गर्मी पड़े तो ये फल पके
मधुर मधुर स्वाद लुभाए,
ध्यान रहे इसमें अवगुण
कैंसर को बढ़ावा देता है
सोच समझ करे प्रयोग
लेखक यह कहता है।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना
शहतूत
लो गर्मी के दिन आए
मीठे-मीठे फल लाए
कहीं ककड़ी मन भाए
तो कहीं शहतूत लुभाएं,
मोरस एलबा नाम होता
मिलता जंगल उजाड़ में
घर में उगकर छाया देता
मिले जाए खड़ा बाड़ में,
गहरे रंग का पौधा होता
रेशम का कीड़ा पलता है
कई रंगों के फल लगते
प्राकृतिक रंग मिलता है,
इसका सफेद रस विषैला
फलों में विटामिन मिलते
एशिया दीप यह पौधा है
इस पर फूल नहीं खिलते,
कई पदार्थ बनते इससे ही
बच्चे फल चाव से खाते हैं
बर्फ में ठंडा करने पर ही
सभी के मन को लुभाते हैं,
फल नहीं यह मल्टी फल
शुक्रोज इसमें भरा हुआ है
हर जन बड़े चाव से खाते
खट्टे मीठे स्वाद का घर है।
**होशियर सिंह, लेखक, कनीना**
मिर्च
भोजन जब खाने बैठते
आता है स्वाद ही याद
नमक, मिर्च ठीक मिले
बढ़ता है खाने का स्वाद,
मिर्च एक तीखा मसाला
मिलती कई रंग-रूपों में
अमेरिका की फसल यह
मिलती दाल भात सूपों में,
चिली नाम से जाना जाता
कैप्सिकम जीनस कहाता
खाने का जायका बढ़ाता
तीखापन जन को रुलाता,
6000 वर्षों का इतिहास
भारत का गुंटुर जिला है
आंध्र प्रदेश की यह शान
पैदावार में नंबर मिला है,
खनिज लवणों से भरी है
विटामिन भी पाए जाते हैं
कई रोगों को दूर भगाती
त्वचा कैंसर यह लगाती,
कच्ची खाते, पक्की खाते
विभिन्न रूपों में इसे खाते
बिना मिर्च के स्वादहीन
मिर्च मसाले स्वाद बढ़ाते,
मिर्च बड़ काम की होती
इसके बिना दुनिया रोती
मिर्च-मिर्च कहते कहते
किसानी भी खाकर सोती।
***होशियार सिंह, लेखक, कनीना**